मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे के पहले दिन उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास को एक नई गति मिली है। टोक्यो में मुख्यमंत्री ने जापान की प्रतिष्ठित लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट कंपनी कोनोइके ट्रांसपोर्ट कंपनी लिमिटेड (Konoike Transport Co. Ltd.) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में उत्तर प्रदेश में अत्याधुनिक लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग और चिकित्सा उपकरण निर्माण (Medical Device Manufacturing) के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से मंथन किया गया।
कोनोइके के साथ रणनीतिक संवाद
मुख्यमंत्री ने कोनोइके ट्रांसपोर्ट के वरिष्ठ प्रबंध कार्यकारी अधिकारी श्री शिगेकी तानाबे (Mr. Shigeki Tanabe) और उनकी टीम के साथ उत्तर प्रदेश में कंपनी की मौजूदगी बढ़ाने पर चर्चा की। बैठक के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:
- लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग: यूपी में मल्टीमॉडल परिवहन अवसंरचना को मजबूत करने के लिए जापानी तकनीक का उपयोग।
- डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC): मुख्यमंत्री ने कंपनी को बताया कि यूपी में समर्पित माल ढुलाई कॉरिडोर का नेटवर्क लॉजिस्टिक्स बिजनेस के लिए गेम-चेंजर साबित हो रहा है।
- मेडिकल डिवाइस पार्क (YEIDA): मुख्यमंत्री ने कोनोइके को यमुना एक्सप्रेसवे (YEIDA) स्थित मेडिकल डिवाइसेस पार्क में निवेश के लिए आमंत्रित किया।
मेडिकल मैन्युफैक्चरिंग पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने जापानी अधिकारियों से कहा कि उत्तर प्रदेश भारत में चिकित्सा उपकरणों के निर्माण का एक प्रमुख केंद्र बन रहा है। उन्होंने कोनोइके को इस क्षेत्र में मौजूद असीमित अवसरों का लाभ उठाने और भारत-जापान औद्योगिक सहयोग को और मजबूती प्रदान करने का आह्वान किया।
जापानी अधिकारियों का सकारात्मक रुख
श्री शिगेकी तानाबे ने उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास और निवेश के अनुकूल वातावरण की सराहना की। उन्होंने यूपी के फ्रेट कॉरिडोर और मेडिकल पार्क जैसे प्रोजेक्ट्स में गहरी रुचि दिखाई। इस मुलाकात से आने वाले समय में प्रदेश को बड़े पैमाने पर जापानी निवेश और अत्याधुनिक तकनीक (Technology Transfer) मिलने की उम्मीद जगी है।








