मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे ने औद्योगिक विकास की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। टोक्यो में मुख्यमंत्री ने जापान बाह्य व्यापार संगठन (JETRO) के अध्यक्ष और सीईओ श्री इशिगुरो नोरिहिको से मुलाकात की। इस बैठक में उत्तर प्रदेश को भारत के एक सशक्त “विकास केंद्र” (Growth Center) के रूप में मान्यता मिली है, जिससे आने वाले समय में जापानी निवेश की बाढ़ आने की संभावना है।
JETRO प्रमुख ने की ‘यूपी मॉडल’ की सराहना
मुलाकात के दौरान श्री इशिगुरो नोरिहिको ने भारत में निवेश के लिए बनते अनुकूल माहौल पर चर्चा की। उन्होंने उत्तर प्रदेश की प्रगति को रेखांकित करते हुए कहा:
- मजबूत विकास केंद्र: यूपी अब अपने बेहतरीन बुनियादी ढांचे (Infrastructure) और विशाल औद्योगिक क्षमता के कारण जापानी कंपनियों की पहली पसंद बन रहा है।
- कारोबार विस्तार: जापानी कंपनियां उत्तर प्रदेश में अपने मौजूदा कारोबार को बढ़ाने और नए क्षेत्रों में प्रवेश करने के लिए बेहद उत्सुक हैं।
- आर्थिक सहयोग: उन्होंने भारत-जापान आर्थिक संबंधों को मजबूत करने में जेट्रो की निरंतर भागीदारी की सराहना की।
निवेशकों को सीएम योगी का ‘फोर-पिलर’ भरोसा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेट्रो प्रमुख को उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने जापानी निवेशकों के लिए ‘फोर-पिलर’ (चार स्तंभ) प्रतिबद्धता दोहराई:
- कानून व्यवस्था: प्रदेश में निवेश की सुरक्षा के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति।
- भूमि भंडार: उद्योगों की स्थापना के लिए पर्याप्त और विवाद मुक्त लैंड बैंक।
- त्वरित मंजूरी: सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए निवेश प्रस्तावों को तत्काल क्लीयरेंस।
- नीतिगत ढांचा: हर सेक्टर के लिए विशेष और निवेशक-अनुकूल नीतियां।
क्या है JETRO और इसका महत्व?
JETRO जापान की एक सरकारी संस्था है जो दुनिया भर में जापानी कंपनियों के निवेश को गाइड करती है। जेट्रो प्रमुख की सकारात्मक टिप्पणी का अर्थ है कि जापान अब आधिकारिक तौर पर उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए ‘सुरक्षित और समृद्ध’ मान रहा है। इससे सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल जैसे बड़े सेक्टर्स में जापानी निवेश का रास्ता साफ होगा।









