सहारनपुर |
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को सहारनपुर के एक दिवसीय दौरे पर रहे। यहाँ उन्होंने विकास की जमीनी हकीकत जानने के लिए केवल कागजी रिपोर्ट पर भरोसा नहीं किया, बल्कि खुद निर्माण स्थलों पर पहुँचकर ईंट और सीमेंट की गुणवत्ता परखी। Yogi Adityanath Saharanpur Visit का मुख्य केंद्र निर्माणाधीन ‘माँ शाकुंभरी विश्वविद्यालय’ और स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट्स रहे। सर्किट हाउस में हुई उच्चस्तरीय बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मंत्रिपरिषद द्वारा स्वीकृत बजट का एक-एक पैसा जनता के विकास में पूरी पारदर्शिता के साथ खर्च होना चाहिए।
माँ शाकुंभरी देवी मेला: श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री के 7 कड़े दिशा-निर्देश
आगामी चैत्र नवरात्र मेले को लेकर मुख्यमंत्री ने सहारनपुर प्रशासन के साथ विस्तृत समीक्षा की। माँ शाकुंभरी देवी मंदिर में जुटने वाली लाखों की भीड़ को देखते हुए उन्होंने सुरक्षा के ऐसे पुख्ता इंतजाम करने को कहा है कि ‘परिंदा भी पर न मार सके’। Cabinet के सुरक्षा विजन को साझा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि मेला क्षेत्र में एटीएस (ATS) और स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी के साथ-साथ अत्याधुनिक ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जाए।
मेले की तैयारी के मुख्य बिंदु:
- स्वच्छता और पेयजल: श्रद्धालुओं के मार्ग पर 24 घंटे साफ-सफाई और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित हो।
- स्वास्थ्य कैंप: मेला क्षेत्र में अस्थाई अस्पतालों और एम्बुलेंस की तैनाती।
- यातायात प्रबंधन: पार्किंग और ट्रैफिक डायवर्जन का ऐसा प्लान बने कि स्थानीय जनता को परेशानी न हो। मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने भी स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर मेले की व्यवस्थाओं को भव्य बनाने का संकल्प दोहराया है।
स्मार्ट सिटी और विश्वविद्यालय निर्माण: उत्तर प्रदेश सरकार की परियोजनाओं का स्थलीय जायजा
Yogi Adityanath Saharanpur Visit के दौरान मुख्यमंत्री ने सबसे पहले ‘माँ शाकुंभरी राज्य विश्वविद्यालय’ के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण एजेंसी को दोटूक शब्दों में कहा कि कार्य की गति बढ़ाने के नाम पर गुणवत्ता से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि सहारनपुर का यह शैक्षणिक संस्थान पश्चिम यूपी के लिए शिक्षा का सबसे बड़ा केंद्र बने।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत निर्माणाधीन सड़कों और ड्रेनेज सिस्टम को देखा। Cabinet द्वारा तय किए गए मानकों के अनुरूप निर्माण न मिलने पर उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। मंत्रिपरिषद ने पहले ही स्पष्ट किया है कि बुनियादी ढांचे के निर्माण में ‘थर्ड पार्टी ऑडिट’ अनिवार्य होगा ताकि भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश न रहे।
सुशासन और प्रशासनिक सतर्कता: मुख्यमंत्री का अधिकारियों को कड़ा अल्टीमेटम
समीक्षा बैठक के समापन पर मुख्यमंत्री ने जिले के आला अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सहारनपुर उत्तर प्रदेश का प्रवेश द्वार है, इसलिए यहाँ का विकास और कानून-व्यवस्था ‘मॉडल’ होनी चाहिए। Yogi Adityanath Saharanpur Visit के दौरान उन्होंने भू-माफियाओं और असामाजिक तत्वों के खिलाफ ‘बुलडोजर’ कार्रवाई जारी रखने के संकेत दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे एसी कमरों से बाहर निकलें और जनता की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण करें।
Cabinet स्तर की इस बैठक में यह भी तय किया गया कि सहारनपुर के फर्नीचर उद्योग (Wood Carving) को ‘एक जनपद एक उत्पाद’ (ODOP) के तहत वैश्विक बाजार दिलाने के लिए सरकार और अधिक निवेश करेगी। मंत्रिपरिषद का मानना है कि स्थानीय हुनर को जब सरकारी प्रोत्साहन और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर मिलेगा, तभी उत्तर प्रदेश एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में सफल होगा।
“विकास हमारी प्रतिबद्धता है और जनता की सेवा हमारा धर्म। सहारनपुर के हर प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करना उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है।” — योगी आदित्यनाथ (दौरान निरीक्षण)
निष्कर्ष: विकास की नई उड़ान भरने को तैयार सहारनपुर
अंततः, Yogi Adityanath Saharanpur Visit ने यह साफ कर दिया है कि प्रदेश का शीर्ष नेतृत्व विकास कार्यों की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर पैनी नजर रख रहा है। चैत्र नवरात्र मेले की भव्यता और विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित कर मुख्यमंत्री ने सहारनपुर की जनता को एक सुरक्षित और समृद्ध भविष्य का भरोसा दिया है। Cabinet और मंत्रिपरिषद के साझा प्रयासों से अब सहारनपुर के विकास को नई रफ़्तार मिलने की उम्मीद है।







