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Rajasthan News: वीर भूमि चित्तौड़गढ़ में मुख्यमंत्री योगी की हुंकार, जौहर श्रद्धांजलि समारोह में वीरांगनाओं को दी भावभीनी विदाई

CM Yogi Adityanath at the Johar Shradhanjali Samaroh in Chittorgarh Rajasthan

चित्तौड़गढ़ |

राजस्थान के शौर्य और स्वाभिमान के प्रतीक चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर आज एक ऐतिहासिक नजारा देखने को मिला। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीर भूमि चित्तौड़गढ़ में आयोजित विशाल ‘जौहर श्रद्धांजलि समारोह’ में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। ‘जय जोहार’ और ‘जय श्री राम’ के उद्घोष के बीच मुख्यमंत्री ने उन हजारों वीरांगनाओं की स्मृति को नमन किया, जिन्होंने अपने सम्मान और धर्म की रक्षा के लिए जौहर की ज्वाला में खुद को समर्पित कर दिया था। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि चित्तौड़गढ़ केवल एक किला नहीं, बल्कि भारत की अस्मिता का सबसे जाग्रत मंदिर है।

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और शौर्य का संगम: राजस्थान की धरा से मुख्यमंत्री का संदेश

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजस्थान और उत्तर प्रदेश का संबंध सदियों पुराना और अटूट है। उन्होंने चित्तौड़गढ़ के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कहा कि रानी पद्मिनी और रानी कर्णावती जैसी वीरांगनाओं का बलिदान हमें सिखाता है कि राष्ट्र के स्वाभिमान से बढ़कर कुछ भी नहीं है।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि देश की आने वाली पीढ़ियों को यह याद दिलाना आवश्यक है कि हमारी स्वतंत्रता और संस्कृति की रक्षा के लिए हमारे पुरखों ने कितनी बड़ी कीमत चुकाई है। उन्होंने कहा कि चित्तौड़गढ़ की धूल भी माथे पर लगाने योग्य है, क्योंकि यहाँ की हर ईंट वीरता की कहानी कहती है।

विरासत का सम्मान और विकास का विजन

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विरासत के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में उनकी Cabinet ने ऐतिहासिक किलों और धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार के लिए विशेष नीतियां बनाई हैं, जिसका उद्देश्य हमारी सांस्कृतिक पहचान को विश्व पटल पर स्थापित करना है। मंत्रिपरिषद के सहयोग से यूपी में जिस तरह अयोध्या और काशी का कायाकल्प हुआ है, मुख्यमंत्री ने उसी भावना के साथ देश की हर ऐतिहासिक धरोहर को सहेजने का आह्वान किया।

समारोह की मुख्य झलकियाँ:

कार्यक्रमविवरण
श्रद्धांजलि अर्पणमुख्यमंत्री ने जौहर स्थल पर पुष्प अर्पित कर वीरांगनाओं को याद किया।
शोभायात्रासमारोह से पूर्व शहर में भव्य जौहर स्मृति शोभायात्रा निकाली गई।
सम्मान समारोहजौहर स्मृति संस्थान द्वारा समाज के प्रबुद्ध जनों का अभिनंदन किया गया।
सांस्कृतिक मंचदेशभक्ति और शौर्य गाथाओं पर आधारित गीतों की प्रस्तुति।

शक्ति की भक्ति और राष्ट्रभक्ति: मुख्यमंत्री का ओजस्वी भाषण

मुख्यमंत्री ने कहा कि “जौहर” कोई कायरता नहीं, बल्कि विदेशी आक्रांताओं के विरुद्ध एक महायुद्ध था। उन्होंने नाथ संप्रदाय और राजस्थान के गहराते संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि भक्ति और शक्ति का यह संगम ही भारत को विश्व गुरु बनाएगा। उत्तर प्रदेश में जिस प्रकार सुशासन के माध्यम से अराजकता को खत्म किया गया है, मुख्यमंत्री ने उसी तरह के ‘दृढ़ संकल्प’ को हर क्षेत्र में अपनाने की बात कही।

उन्होंने बताया कि Cabinet स्तर पर ऐसे कई निर्णय लिए गए हैं जिनसे युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ा जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्तौड़गढ़ का यह बलिदान हमें याद दिलाता है कि जब-जब धर्म पर संकट आया है, भारत की नारी शक्ति ने शस्त्र और शास्त्र दोनों के माध्यम से मार्ग दिखाया है।

“चित्तौड़गढ़ की यह पावन धरती हमें राष्ट्रभक्ति का जो पाठ पढ़ाती है, वह दुनिया के किसी भी विश्वविद्यालय में नहीं मिल सकता। वीरांगनाओं का यह जौहर भारत की आत्मा का उद्घोष है।” — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

निष्कर्ष: चित्तौड़गढ़ से उठा सांस्कृतिक चेतना का ज्वार

अंततः, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह यात्रा राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बीच सांस्कृतिक सेतु को और मजबूत करने वाली साबित हुई है। जौहर श्रद्धांजलि समारोह में उमड़ा जनसैलाब यह बताता है कि आज भी चित्तौड़गढ़ का इतिहास हर भारतीय के खून में उबाल पैदा करता है। उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री के इस दौरे से यह संदेश भी गया है कि विरासत का सम्मान ही आधुनिक और विकसित भारत की नींव है।

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