अयोध्या |
उत्तर प्रदेश की पावन धरा और मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की जन्मभूमि अयोध्या में आज एक ऐतिहासिक और गरिमामय पल का साक्षी पूरा देश बना। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अयोध्या पहुँचने पर ‘महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे’ पर उनका भव्य और आत्मीय स्वागत किया गया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर राष्ट्रपति की अगवानी की। हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर राष्ट्रपति का यह दौरा न केवल प्रशासनिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से भी ऐतिहासिक माना जा रहा है। हवाई अड्डे पर राष्ट्रपति को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया, जिसके बाद वे मुख्यमंत्री और राज्यपाल के साथ राम नगरी के मुख्य कार्यक्रमों के लिए प्रस्थान कर गईं।
अतुल्य स्वागत और सुरक्षा का पहरा: मुख्यमंत्री योगी ने स्वयं संभाली कमान
महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट के रनवे से लेकर बाहर निकलने के मार्ग तक सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम किए गए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुरूप, पूरे एयरपोर्ट परिसर को फूलों और सांस्कृतिक प्रतीकों से सजाया गया था।
स्वागत के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को अयोध्या में चल रहे ‘नवनिवर्ण’ और विकास कार्यों की संक्षिप्त जानकारी भी दी। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राष्ट्रपति का कुशलक्षेम पूछा और नारी शक्ति के प्रतीक के रूप में उनका अभिनंदन किया। एयरपोर्ट पर उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी महामहिम का सत्कार किया। इस दौरान वातावरण ‘जय श्री राम’ और ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष से गूंज उठा।
‘श्रीराम यंत्र’ की स्थापना और आध्यात्मिक संगम: राष्ट्रपति का अयोध्या मिशन
एयरपोर्ट से प्रस्थान के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सीधे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर के लिए रवाना हुईं।
दौरे के प्रमुख पड़ाव और कार्यक्रम:
| कार्यक्रम (Event) | स्थान/विवरण (Venue/Details) |
| अगवानी एवं स्वागत | महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट, अयोध्या। |
| श्रीराम यंत्र स्थापना | राम मंदिर के द्वितीय तल पर वैदिक अनुष्ठानों के साथ। |
| हनुमानगढ़ी दर्शन | पवनपुत्र हनुमान के चरणों में मत्था टेकेंगी। |
| सरयू आरती | शाम को सरयू तट पर भव्य दिव्य आरती में सहभागिता। |
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राष्ट्रपति के मार्ग में पड़ने वाले 20 सांस्कृतिक मंचों पर कलाकारों की प्रस्तुति निर्बाध चलती रहे, जिससे राष्ट्रपति को उत्तर प्रदेश की समृद्ध लोक कला और अवधी संस्कृति का वास्तविक अनुभव प्राप्त हो सके।
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और सुशासन: अयोध्या की वैश्विक छवि
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दौरे को अयोध्या के वैश्विक उदय का एक महत्वपूर्ण अध्याय बताया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का आगमन यह सिद्ध करता है कि अयोध्या अब न केवल एक धार्मिक केंद्र है, बल्कि यह आधुनिक भारत के सांस्कृतिक आत्मविश्वास का प्रतीक बन चुकी है।
[यहाँ अयोध्या एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री, राज्यपाल और राष्ट्रपति की एक सामूहिक भव्य फोटो लगायें]
प्रशासन ने राष्ट्रपति के मार्ग पर स्वच्छता और सुरक्षा के कड़े मानक लागू किए हैं। मंत्रिपरिषद के निर्देशानुसार, पूरे मार्ग पर ‘एंटी-स्मॉग गन’ से जल छिड़काव और विशेष लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। राष्ट्रपति के इस दौरे से अयोध्या के पर्यटन और सांस्कृतिक गौरव को नई ऊँचाइयाँ मिलेंगी। नगर आयुक्त और महापौर ने बताया कि राष्ट्रपति का स्वागत करने के लिए अयोध्या की जनता में अपार उत्साह है और लोग अपने घरों के बाहर दीप जलाकर इस दिन को मना रहे हैं।
“महामहिम राष्ट्रपति जी का अयोध्या की इस पावन धरा पर आगमन हम सभी के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है। ‘नव्य अयोध्या’ उनके स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है।” — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
निष्कर्ष: आध्यात्मिक गौरव और संवैधानिक गरिमा का संगम
अंततः, महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट पर हुआ यह शानदार स्वागत उत्तर प्रदेश के सुशासन और अतिथि सत्कार की परंपरा को दर्शाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या ने जिस तरह से अपनी नई पहचान बनाई है, राष्ट्रपति का यह दौरा उस पर मोहर लगाता है। Uttar Pradesh News के इस ऐतिहासिक पल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आधुनिक भारत अब अपनी जड़ों की ओर लौटते हुए विकास और विरासत के बीच एक उत्कृष्ट संतुलन साध रहा है। आने वाले तीन दिनों तक अयोध्या राष्ट्रपति के सानिध्य में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक ऊर्जा से सराबोर रहेगी।








