उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। अजय राय ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए इसे किसी केंद्रीय एजेंसी या स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने का अनुरोध किया है।
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र की मुख्य बातें
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ चल रहे मामलों या उनसे जुड़े घटनाक्रमों की सच्चाई सामने आना जरूरी है। उन्होंने मांग की है कि:
- निष्पक्ष जांच: वर्तमान जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे पारदर्शी बनाने की मांग की।
- केंद्रीय एजेंसी की दखल: मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे CBI या किसी अन्य स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का सुझाव दिया।
- धार्मिक भावनाओं का सम्मान: पत्र में यह भी संकेत दिया गया है कि ऐसे मामलों में देरी या पक्षपातपूर्ण कार्रवाई से समाज में गलत संदेश जाता है।
क्यों गरमाया है मामला?
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पिछले काफी समय से अपने विभिन्न बयानों और धार्मिक रुख के कारण चर्चा में रहे हैं। उन पर लगे आरोपों या उनके खिलाफ की जा रही कार्रवाई को लेकर कांग्रेस अब आक्रामक मुद्रा में है। अजय राय का प्रधानमंत्री को सीधे पत्र लिखना यह दर्शाता है कि कांग्रेस इस मुद्दे को बड़े राजनीतिक फलक पर ले जाने की तैयारी में है।
सियासी मायने: ब्राह्मण कार्ड या धार्मिक राजनीति?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अजय राय द्वारा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन करना और पीएम को पत्र लिखना, उत्तर प्रदेश में जातीय और धार्मिक समीकरणों को साधने की एक कोशिश हो सकती है। आगामी चुनावों से पहले कांग्रेस खुद को हिंदू धर्मगुरुओं के सम्मान के रक्षक के तौर पर पेश करना चाहती है।





