लखनऊ |
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को सशक्त बनाने के अपने संकल्प को तेजी से धरातल पर उतार रही है। इसी क्रम में, आगामी रविवार यानी 22 मार्च 2026 को प्रदेश के चिकित्सा ढांचे को 1,228 नए नर्सिंग अधिकारी मिलने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजधानी लखनऊ स्थित लोकभवन सभागार में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान 492 अभ्यर्थियों को स्वयं नियुक्ति पत्र सौंपेंगे। शेष 736 अभ्यर्थियों को 13 राजकीय मेडिकल कॉलेजों और 2 विशेषज्ञ संस्थानों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा लाइव प्रोग्राम के माध्यम से नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। यह कदम प्रदेश सरकार के इस वर्ष डेढ़ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने के लक्ष्य की ओर एक बड़ा मील का पत्थर है।
13 मेडिकल कॉलेजों और 2 संस्थानों में होगी तैनाती: चिकित्सा शिक्षा में बड़ा सुधार
अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा) अमित कुमार घोष ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया को मिशन मोड में चलाया गया है। लोक सेवा आयोग, प्रयागराज द्वारा पारदर्शी चयन प्रक्रिया के माध्यम से इन पदों को भरा गया है।
नियुक्ति पत्र वितरण का विवरण:
| कुल चयनित अभ्यर्थी | मुख्य कार्यक्रम (लोकभवन) | स्थानीय वितरण (लाइव) | महिला अभ्यर्थी | पुरुष अभ्यर्थी |
| 1,228 | 492 | 736 | 1,097 | 131 |
इन नवचयनित अधिकारियों की तैनाती आगरा, कानपुर, प्रयागराज, मेरठ, झांसी, गोरखपुर, अंबेडकरनगर, कन्नौज, आजमगढ़, जालौन, सहारनपुर, बांदा और बदायूं के 13 राजकीय मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ कानपुर के जेके कैंसर संस्थान और हृदय रोग संस्थान में की जाएगी।
भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता: युवाओं के लिए ‘रोजगार का स्वर्णिम वर्ष’
चिकित्सा शिक्षा विभाग की महानिदेशक डॉ. सारिका मोहन ने जानकारी दी कि इन नर्सिंग अधिकारियों के आने से अस्पतालों में नर्सिंग केयर और मरीजों के प्रबंधन में व्यापक सुधार होगा। विशेष रूप से 1,097 महिला अभ्यर्थियों की भर्ती प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।
योगी सरकार का हालिया भर्ती ट्रैक रिकॉर्ड:
- 8 मार्च (महिला दिवस): 94 नवचयनित मुख्य सेविकाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
- पुलिस भर्ती: यूपी पुलिस भर्ती एवं पदोन्नति बोर्ड द्वारा दरोगा एवं समकक्ष के 4,543 पदों की परीक्षा हाल ही में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
- लक्ष्य 2026: विभिन्न विभागों में लगभग 1.5 लाख सरकारी नौकरियां देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
स्वास्थ्य और सुशासन का समन्वय: मुख्यमंत्री का विजन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विजन है कि उत्तर प्रदेश का हर नागरिक अपने ही जनपद में उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा प्राप्त करे। इन 1,228 नर्सिंग अधिकारियों की नियुक्ति न केवल युवाओं के लिए सम्मानजनक रोजगार का अवसर है, बल्कि यह प्रदेश के ‘हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर’ की मजबूती का भी प्रमाण है। Cabinet द्वारा स्वीकृत नई स्वास्थ्य नीतियों के तहत अब हर जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की दिशा में काम हो रहा है, जहाँ ये नर्सिंग अधिकारी एक रीढ़ की हड्डी की तरह कार्य करेंगे।
प्रशासन ने रविवार को होने वाले इस कार्यक्रम के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने इस उपलब्धि को ‘सशक्त उत्तर प्रदेश’ की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।
“युवाओं को पारदर्शी तरीके से रोजगार देना हमारी प्राथमिकता है। 1,228 नर्सिंग अधिकारियों के जुड़ने से मेडिकल कॉलेजों में उपचार की गुणवत्ता और अधिक बेहतर होगी।” — अमित कुमार घोष, ACS चिकित्सा शिक्षा
निष्कर्ष: ‘मिशन रोजगार’ के तहत एक और बड़ी सफलता
अंततः, 22 मार्च का यह आयोजन उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए खुशियों का नया सवेरा लेकर आ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण और पारदर्शी भर्ती प्रणाली ‘नव्य उत्तर प्रदेश’ की नई पहचान बन चुकी है। Uttar Pradesh News के इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर यह स्पष्ट है कि सरकार न केवल आधारभूत ढांचा तैयार कर रही है, बल्कि कुशल कार्यबल के माध्यम से उसे क्रियाशील भी बना रही है।







