लखनऊ | न्यूज़ डेस्क
उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत प्रदेशव्यापी अभियान छेड़ दिया है। कालाबाजारी और अवैध बिक्री करने वाले सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए 12 मार्च से अब तक पूरे प्रदेश में 12,732 ताबड़तोड़ छापेमारी और निरीक्षण किए गए हैं। सरकार की इस सख्ती का परिणाम है कि जहाँ 25 एलपीजी वितरकों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज की गई है, वहीं 152 अन्य व्यक्तियों पर भी मुकदमे दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी निर्देशों के बाद अब पूरे प्रदेश में 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय हैं, ताकि किसी भी उपभोक्ता को ईंधन की किल्लत का सामना न करना पड़े।
ताबड़तोड़ कार्रवाई का रिपोर्ट कार्ड: 16 गिरफ्तार, 185 पर अभियोजन
शासन स्तर से जारी कड़े निर्देशों के बाद खाद्य एवं रसद विभाग की टीमों ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी। मुख्य सचिव द्वारा सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि आवश्यक आपूर्ति में बाधा डालने वाले तत्वों को किसी भी सूरत में बख्शा न जाए।
कार्रवाई के प्रमुख आंकड़े (12 मार्च से 24 मार्च 2026):
| कार्रवाई का प्रकार | सांख्यिकी (Statistics) |
| कुल निरीक्षण/छापेमारी | 12,732 |
| LPG वितरकों पर FIR | 25 |
| अन्य व्यक्तियों पर मुकदमे | 152 |
| कुल गिरफ्तारियां | 16 |
| अभियोजन की कार्रवाई | 185 व्यक्ति |
आपूर्ति व्यवस्था: 20% अतिरिक्त आवंटन और निर्बाध डिलीवरी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि आम जनता को होली और आगामी त्योहारों के सीजन में गैस रिफिल के लिए भटकना न पड़े। वर्तमान में प्रदेश के 4,108 एलपीजी वितरकों के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
सप्लाई चेन को मजबूत करने के कदम:
- अतिरिक्त आवंटन: भारत सरकार के सहयोग से 23 मार्च 2026 से वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों के लिए 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन की अनुमति दी गई है।
- बुकिंग आधारित डिलीवरी: उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के अनुरूप तत्काल रिफिल उपलब्ध कराने के लिए जिला पूर्ति अधिकारियों (DSO) को फील्ड में तैनात किया गया है।
- बाजार संतुलन: अतिरिक्त आवंटन से कमर्शियल गैस की मांग पूरी होगी, जिससे घरेलू सिलेंडरों की कालाबाजारी पर लगाम लगेगी।
24 घंटे निगरानी: लखनऊ से जनपदों तक बिछा कंट्रोल रूम का जाल
उत्तर प्रदेश सरकार ने स्थिति की सतत निगरानी के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम स्थापित किया है। यहाँ पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति से संबंधित सूचनाओं का रियल-टाइम अपडेट लिया जा रहा है।
निगरानी तंत्र की विशेषताएं:
- होम कंट्रोल रूम: खाद्य एवं रसद विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की सीधी तैनाती।
- जनपद स्तरीय सक्रियता: सभी 75 जिलों में कंट्रोल रूम सक्रिय किए गए हैं, जहाँ स्थानीय प्रशासन की टीमें शिकायतों का त्वरित निस्तारण कर रही हैं।
- फील्ड विजिट: जिला पूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी खुद फील्ड में भ्रमण कर वितरकों के स्टॉक और डिलीवरी रजिस्टर की जांच कर रहे हैं।
“आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में बाधा डालने वाला कोई भी व्यक्ति कानून से बच नहीं पाएगा। हमारी सरकार उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा और बाजार में पारदर्शिता के लिए प्रतिबद्ध है।” — मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन
निष्कर्ष: कालाबाजारी मुक्त उत्तर प्रदेश का संकल्प
अंततः, योगी सरकार की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने जमाखोरों और कालाबाजारी करने वालों के बीच हड़कंप मचा दिया है। Uttar Pradesh News के इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर यह स्पष्ट है कि 12,732 छापों और 16 गिरफ्तारियों के साथ सरकार ने कड़ा संदेश दिया है। आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज होने की उम्मीद है, जिससे न केवल आपूर्ति सुदृढ़ होगी बल्कि कीमतों पर भी प्रभावी नियंत्रण रहेगा। NewsHour की टीम उपभोक्ताओं को सलाह देती है कि किसी भी प्रकार की कालाबाजारी की सूचना तत्काल अपने जिले के कंट्रोल रूम या 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दें।








