रुदौली/अयोध्या | न्यूज़ डेस्क उत्तर प्रदेश के अयोध्या जनपद की तहसील रुदौली में चल रहे भव्य ‘मां कामाख्या महोत्सव 2026’ का मंच आज वीरता और कर्तव्यनिष्ठा के सम्मान का साक्षी बना। महोत्सव के विशेष सत्र में “मां कामाख्या राष्ट्र रक्षक सम्मान 2026” कार्यक्रम का गरिमामय आयोजन किया गया। इस समारोह में उन वीर सपूतों को याद किया गया जिन्होंने देश की अखंडता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, साथ ही उन पुलिसकर्मियों को भी सराहा गया जो समाज की सुरक्षा के लिए दिन-रात मुस्तैद रहते हैं। मुख्य अतिथि श्रीनिवास मूर्ति जी की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम ने पूरे महोत्सव परिसर को देशभक्ति के ज्वार से भर दिया।
शहादत को सलाम और सेवा का सम्मान: भावुक हुए लोग
कार्यक्रम के दौरान समाज के असली नायकों को मंच प्रदान किया गया। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्र के रक्षकों का सम्मान करना केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक महान प्रेरणा है। उन्होंने जोर दिया कि जो समाज अपने वीरों को याद रखता है, वही राष्ट्र सुरक्षित और सशक्त रहता है।
सम्मान का संक्षिप्त विवरण:
| सम्मानित श्रेणी | संख्या | सम्मान का स्वरूप |
| शहीद के परिजन | 03 परिवार | स्मृति चिह्न एवं अंगवस्त्र |
| पुलिस विभाग के कर्मी | 21 अधिकारी/कर्मचारी | उत्कृष्ट सेवा सम्मान |
| विशेष प्रस्तुति | 01 (देशभक्ति गीत) | प्रशंसा एवं सम्मान |
समारोह में उन 3 शहीद परिवारों की गरिमामयी उपस्थिति ने सभी की आँखों को नम कर दिया, जिनके लाल ने मातृभूमि की रक्षा में प्राण न्योछावर कर दिए। उनके साहस और धैर्य को नमन करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया।
देशभक्ति के रंग में रंगा महोत्सव: आरक्षी चंद्रेश भारद्वाज की प्रस्तुति
कार्यक्रम का सबसे भावुक और ऊर्जावान क्षण तब आया, जब आरक्षी चंद्रेश भारद्वाज ने मंच संभाला। उन्होंने अपनी सुरीली आवाज में जब ‘देशभक्ति गीत’ की प्रस्तुति दी, तो महोत्सव स्थल पर मौजूद हजारों लोगों का समूह मंत्रमुग्ध हो गया।
- तालियों की गूंज: उनकी प्रस्तुति इतनी प्रभावशाली थी कि पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
- वातावरण: गीत के बोलों ने हर किसी के मन में राष्ट्र के प्रति प्रेम और गौरव का भाव जगा दिया।
कुशल संयोजन: उपनिरीक्षक रणजीत यादव का सफल प्रयास
इस पूरे गौरवशाली आयोजन के पीछे उपनिरीक्षक और महोत्सव के संयोजक रणजीत यादव (खाली वाले गुरुजी) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके कुशल नेतृत्व और सफल संचालन की हर ओर सराहना हो रही है। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि ‘राष्ट्र रक्षक सम्मान’ का यह मंच अपनी गरिमा बनाए रखे और समाज के रक्षकों को वह सम्मान मिले जिसके वे वास्तविक हकदार हैं।
प्रशासनिक मुस्तैदी और जन-भागीदारी: अयोध्या प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस पहल की सराहना की है। महोत्सव में आए श्रद्धालुओं ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ इस देशभक्तिपूर्ण आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। Uttar Pradesh News के लिए यह एक मिसाल है कि कैसे धार्मिक मेलों के मंच का उपयोग राष्ट्र नायकों के सम्मान के लिए किया जा सकता है।
“देश की सीमा पर तैनात जवान और सड़कों पर सुरक्षा देने वाले पुलिसकर्मी ही हमारी शांति के आधार हैं। माँ कामाख्या के दरबार में उन्हें सम्मानित करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है।” — श्रीनिवास मूर्ति, मुख्य अतिथि
निष्कर्ष: आस्था और राष्ट्रवाद का अद्भुत संगम (Uttar Pradesh News)
अंततः, मां कामाख्या महोत्सव में आयोजित ‘राष्ट्र रक्षक सम्मान 2026’ ने यह सिद्ध कर दिया है कि अयोध्या की धरती केवल भक्ति ही नहीं, बल्कि अगाध राष्ट्रभक्ति की भी जननी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में जिस प्रकार सांस्कृतिक विरासत और वीरता को साथ लेकर चलने का संकल्प लिया गया है, यह कार्यक्रम उसी की एक कड़ी है। Uttar Pradesh News के इस विशेष आयोजन ने शहीद परिवारों के दर्द पर मरहम लगाने और सक्रिय पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाने का सराहनीय कार्य किया है।








