रुदौली/अयोध्या |
उत्तर प्रदेश के अयोध्या जनपद स्थित रुदौली में चल रहे ‘माँ कामाख्या धाम महोत्सव’ के मंच पर आज कुश्ती और शौर्य का अद्भुत प्रदर्शन देखने को मिला। माँ कामाख्या धाम महोत्सव न्यास द्वारा आयोजित भव्य दंगल प्रतियोगिता का शुभारंभ माँ कामाख्या के पावन चित्र के समक्ष विधि-विधान से दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पूर्व सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने पहलवानों का हाथ मिलवाकर दंगल की औपचारिक शुरुआत कराई। वैदिक मंत्रोच्चार और ‘जय माँ कामाख्या’ के नारों के बीच शुरू हुए इस दंगल में देश के विभिन्न कोनों से आए लगभग 150 महिला एवं पुरुष पहलवानों ने अपने दांव-पेच और कुश्ती कौशल से दर्शकों का दिल जीत लिया।
अखाड़े में भिड़े सूरमा: दिल्ली के भीम और वाराणसी की कशिश ने गाड़े झंडे
प्रतियोगिता में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए दर्जनों अनुभवी रेफरियों की निगरानी में मुकाबले संपन्न हुए। महिला वर्ग में वाराणसी की कशिश ने अपने फुर्तीले दांव-पेच से प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि पुरुष वर्ग के भारी वजन श्रेणी में दिल्ली के भीम का जादू सिर चढ़कर बोला। विजेता पहलवानों के लिए ₹21,000 की सम्मान राशि की घोषणा की गई।
दंगल प्रतियोगिता के प्रमुख परिणाम (Weight Categories):
| भार वर्ग (Weight) | विजेता (1st Place) | उपविजेता (2nd/3rd Place) |
| महिला वर्ग | कशिश (वाराणसी) | मानसी (नंदिनीनगर) – द्वितीय |
| 65 किलो (पुरुष) | विशाल (नंदिनीनगर) | अंशु (बनारस) – द्वितीय; मंगेश – तृतीय |
| 74 किलो (पुरुष) | विकास (नंदिनीनगर) | आशीष (महराजगंज) – द्वितीय; लालू – तृतीय |
| 74 – 86 किलो | विकास (वाराणसी) | कार्तिक (गाजियाबाद) – द्वितीय |
| 86 किलो + (भारी) | भीम (दिल्ली) | प्रवीण (बनारस) – द्वितीय; मयंक – तृतीय |
क्षेत्रीय विकास और खेल प्रोत्साहन: विधायक आरसी यादव की सरपरस्ती
इस भव्य आयोजन के संरक्षक रुदौली विधायक रामचंद्र यादव रहे, जिनके मार्गदर्शन में महोत्सव का हर कार्यक्रम भव्यता ले रहा है। विधायक ने कहा कि दंगल हमारी प्राचीन संस्कृति का हिस्सा है और ऐसे आयोजनों से ग्रामीण प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता रविकांत तिवारी ‘मोनू’ ने की, जिनके कुशल नेतृत्व में पूरे आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया।
कुश्ती जगत के दिग्गजों का जमावड़ा: “मिट्टी से जुड़े हैं भारत के लाल”
मुख्य अतिथि बृज भूषण शरण सिंह ने पहलवानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि भारत की असली शक्ति यहाँ की मिट्टी और अखाड़ों में बसती है। इस दंगल के सफल आयोजन में उत्तर प्रदेश कुश्ती एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष अखंडवीर सिंह का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने तकनीकी और संगठनात्मक स्तर पर पूरी जिम्मेदारी निभाई।
महोत्सव स्थल पर बड़ी संख्या में मौजूद दर्शकों की तालियों और जोश ने अखाड़े के माहौल को और भी रोमांचक बना दिया। प्रशासन द्वारा सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। Uttar Pradesh News के लिए यह दंगल केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि स्थानीय गौरव और खेल भावना का उत्सव बनकर उभरा है।
“माँ कामाख्या के आशीर्वाद से रुदौली की धरती पर खेल और संस्कृति का यह संगम ऐतिहासिक है। हमारे पहलवान आने वाले समय में देश का मान बढ़ाएंगे।” — रामचंद्र यादव, विधायक रुदौली
निष्कर्ष: शक्ति और भक्ति का अनूठा मेल
अंततः, माँ कामाख्या धाम महोत्सव में आयोजित इस दंगल ने यह सिद्ध कर दिया है कि उत्तर प्रदेश का युवा अपनी जड़ों और खेलों के प्रति आज भी उतना ही समर्पित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘खेल प्रोत्साहन’ विजन को रुदौली विधायक आरसी यादव और उनकी टीम ने पूरी सफलता के साथ धरातल पर उतारा है। Uttar Pradesh News के इस विशेष आयोजन से न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच मिला है, बल्कि रुदौली की सांस्कृतिक पहचान भी वैश्विक पटल पर मजबूत हुई है।







