जौनपुर | न्यूज़ डेस्क
जौनपुर की जीवनदायिनी गोमती नदी की स्थिति को लेकर समाजवादी पार्टी ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमीक जामेई ने रविवार को गोमती नदी में नाव से सर्वे किया और आरोप लगाया कि ₹600 करोड़ का एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) प्रोजेक्ट भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। उन्होंने कहा कि शहर का गंदा पानी सीधे नदी में गिर रहा है, जिससे पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
14 नालों का ज़हर: सीधे गोमती में समा रहा सीवेज
अमीक जामेई के अनुसार, जौनपुर शहर से रोजाना करीब 28 एमएलडी गंदा पानी निकलता है, लेकिन शोधन की कोई व्यवस्था नहीं है।
इन प्रमुख घाटों/इलाकों का पानी गिर रहा नदी में:
- हनुमान घाट, बजरंग घाट और बलुआ घाट।
- मछरहट्टा, मियांपुर और मुफ्ती मोहल्ला।
- नखास, अहियापुर और जेसिज चौराहा क्षेत्र।
शाही पुल के साथ ‘ऐतिहासिक गलती’ का आरोप
सपा प्रवक्ता ने रिवरफ्रंट निर्माण के तकनीकी पहलुओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि शाही पुल के चार दरवाजों को बंद कर नदी की प्राकृतिक धारा को मोड़ा गया है, जिससे भविष्य में भीषण बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने इसे एक “ऐतिहासिक गलती” करार दिया।
| प्रोजेक्ट का नाम | बजट (अनुमानित) | वर्तमान स्थिति |
| STP प्रोजेक्ट | ₹600 करोड़ | विपक्ष के अनुसार ‘ठप’ |
| सीवरेज सिस्टम | अमृत योजना के तहत | अधूरा/अप्रभावी |
| गोमती रिवरफ्रंट | नमामि गंगे | भ्रष्टाचार के आरोप |
“2027 में होगी उच्च स्तरीय जांच”
अमीक जामेई ने अखिलेश यादव के लखनऊ रिवरफ्रंट मॉडल का उदाहरण देते हुए कहा कि मौजूदा सरकार ने सिर्फ नकल की है, काम नहीं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 2027 में सपा की सरकार बनती है, तो इस पूरे प्रोजेक्ट की जांच कराई जाएगी और दोषियों को सजा दी जाएगी।
“गोमती हमारी आस्था का प्रतीक है, लेकिन आज भ्रष्टाचार के कारण यह नाला बनती जा रही है। ₹600 करोड़ कहाँ गए, इसका जवाब जनता मांग रही है।” — अमीक जामेई, राष्ट्रीय प्रवक्ता (सपा)