लखनऊ |
उत्तर प्रदेश में ‘सुशासन और सेवा’ के 9 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज राजधानी लखनऊ स्थित लोक भवन में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर राज्य सरकार की उपलब्धियों पर आधारित वार्षिक पुस्तक “नवनिर्माण के 9 वर्ष: अभूतपूर्व विकास एवं सतत समृद्धि” का विमोचन किया। यह पुस्तक पिछले नौ वर्षों (2017-2026) के दौरान उत्तर प्रदेश में आए क्रांतिकारी बदलावों, कानून-व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण और आर्थिक प्रगति का एक विस्तृत दस्तावेज है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि कभी ‘बीमारू’ राज्य माना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप ‘नए भारत’ का ग्रोथ इंजन बनकर उभर रहा है।
9 वर्षों की स्वर्णिम यात्रा: ‘बीमारू’ से ‘सर्वोत्तम’ प्रदेश तक का सफर
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने विकास के हर पैमाने पर नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने बताया कि 2017 से पहले प्रदेश में पहचान का संकट था, लेकिन आज यूपी की कानून-व्यवस्था पूरे देश के लिए एक नजीर बन चुकी है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से माफिया राज के अंत और निवेश के सुरक्षित वातावरण पर जोर दिया।
विमोचित पुस्तक में प्रदेश के बुनियादी ढांचे, विशेष रूप से एक्सप्रेस-वे नेटवर्क, हवाई अड्डों के विस्तार और औद्योगिक गलियारों (Defense Corridor) की प्रगति को प्रमुखता से दर्शाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रिपरिषद और Cabinet के सामूहिक प्रयासों से आज उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।
विकास के प्रमुख स्तंभ: पुस्तक की मुख्य विशेषताएं
वार्षिक पुस्तक में नौ वर्षों के उन प्रमुख क्षेत्रों को रेखांकित किया गया है जिन्होंने यूपी की तस्वीर बदली है:
| विकास का क्षेत्र | प्रमुख उपलब्धि (Highlights) |
| अर्थव्यवस्था | यूपी की जीडीपी में रिकॉर्ड वृद्धि और $1 ट्रिलियन इकोनॉमी का लक्ष्य। |
| इंफ्रास्ट्रक्चर | एक्सप्रेस-वे प्रदेश (6 चालू, 7 निर्माणाधीन) और 21 एयरपोर्ट्स का जाल। |
| कानून-व्यवस्था | ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति, माफियाओं की ₹5000 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त। |
| महिला सशक्तिकरण | ‘मिशन शक्ति’ और 50,000 से अधिक बीसी सखियों की सफलता। |
| कृषि एवं किसान | गन्ना मूल्य का रिकॉर्ड भुगतान और ₹1500 करोड़ की बिजली सब्सिडी। |
मुख्यमंत्री ने इस दौरान बताया कि Cabinet ने पिछले 9 वर्षों में जनहित में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जिनका सीधा लाभ आज समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को मिल रहा है।
युवाओं और निवेश पर केंद्रित ‘नया उत्तर प्रदेश’: मुख्यमंत्री का विजन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नौ वर्षों की यह यात्रा केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह करोड़ों प्रदेशवासियों के विश्वास की जीत है। उन्होंने ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ (GIS) का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे लाखों करोड़ के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारकर युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खोले गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल धार्मिक पर्यटन ही नहीं, बल्कि डेटा सेंटर, आईटी हब और सेमीकंडक्टर निर्माण के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस पुस्तक को डिजिटल माध्यम से भी उपलब्ध कराया जाए ताकि आम जनता सरकार के कार्यों को पारदर्शी तरीके से समझ सके। मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने भी इस अवसर पर अपने-अपने विभागों की 9 साल की प्रगति रिपोर्ट साझा की।
[यहाँ लोक भवन में पुस्तक विमोचन करते हुए मुख्यमंत्री योगी और उनके साथ कैबिनेट मंत्रियों की फोटो लगायें]
“9 वर्षों का यह कार्यकाल उत्तर प्रदेश के कायाकल्प का स्वर्णिम काल है। हमने प्रदेश को दंगों से मुक्त कर विकास की पटरी पर दौड़ाया है। अब हमारा लक्ष्य यूपी को देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाना है।” — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
निष्कर्ष: सतत समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य का संकल्प (Uttar Pradesh News)
अंततः, ‘नवनिर्माण के 9 वर्ष’ पुस्तक का विमोचन केवल एक सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के सशक्तिकरण का शंखनाद है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने असुरक्षा और पिछड़ेपन की बेड़ियों को तोड़कर एक नई पहचान बनाई है। Uttar Pradesh News के इस ऐतिहासिक पड़ाव पर यह स्पष्ट है कि 9 साल का यह सफर आने वाले समय में ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को पूरा करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।








