लखनऊ |
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज, 30 मार्च 2026 को राजधानी लखनऊ स्थित लोक भवन सभागार में महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में एक नए युग का सूत्रपात किया। ‘नव्य उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों और मुख्य सेविकाओं को अत्याधुनिक स्मार्टफोन और ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस वितरित किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने न केवल नवनियुक्त कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे, बल्कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में आंगनवाड़ी केंद्रों और बाल विकास परियोजना कार्यालयों के नए भवनों का लोकार्पण व शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि तकनीक और सुदृढ़ इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से उत्तर प्रदेश अब कुपोषण मुक्त होने की राह पर तेजी से अग्रसर है।
स्मार्टफोन और ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस: तकनीक से लैस होगी ‘नारी शक्ति’
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियाँ ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य और पोषण की रीढ़ की हड्डी हैं। उन्हें स्मार्टफोन उपलब्ध कराना Government of UP के डिजिटल इंडिया मिशन का एक अहम हिस्सा है।
कार्यक्रम की प्रमुख सौगातें:
| लाभार्थी/परियोजना (Beneficiary) | वितरण एवं कार्य (Work Done) |
| आंगनवाड़ी कार्यकत्री/मुख्य सेविका | रीयल-टाइम डेटा मॉनिटरिंग के लिए स्मार्टफोन। |
| आंगनवाड़ी कार्यकत्री | बच्चों के शारीरिक विकास की जांच हेतु ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस। |
| कार्यकत्री एवं सहायिका | पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के तहत नियुक्ति पत्र वितरण। |
| भवन एवं कार्यालय | नए केंद्रों और कार्यालयों का लोकार्पण एवं शिलान्यास। |
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्मार्टफोन के जरिए अब ‘पोषण ट्रैकर’ (Poshan Tracker) का उपयोग और अधिक प्रभावी होगा, जिससे हर बच्चे और गर्भवती महिला की सेहत पर सीधी नज़र रखी जा सकेगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर का सुदृढ़ीकरण: अब आधुनिक भवनों में होगा बच्चों का विकास
मुख्यमंत्री ने लोक भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश भर में नवनिर्मित आंगनवाड़ी केंद्रों का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि Cabinet ने बच्चों के बचपन को सुरक्षित और रचनात्मक बनाने के लिए प्री-प्राइमरी शिक्षा पर विशेष बजट आवंटित किया है।
- बाल विकास परियोजना कार्यालय: अधिकारियों के लिए आधुनिक कार्यस्थल तैयार किए गए हैं ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन बिना किसी बाधा के हो सके।
- नवनियुक्त कार्यकत्रियाँ: नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाली बेटियों से मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि वे सेवा भाव के साथ इस ‘पवित्र मिशन’ से जुड़ें।
सुशासन और स्वास्थ्य का समन्वय: मुख्यमंत्री का संबोधन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकल चुका है। मंत्रिपरिषद के निरंतर प्रयासों से आज इन्सेफेलाइटिस जैसी बीमारियों पर नियंत्रण पाया गया है, और इसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका अतुलनीय रही है।
- पारदर्शिता: मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि नियुक्तियों में अब कोई बिचौलिया नहीं है; प्रतिभा और सेवा का ही सम्मान हो रहा है।
- ग्रोथ मॉनिटरिंग: नए डिवाइस से अब कम वजन वाले और कुपोषित बच्चों की पहचान समय रहते हो सकेगी, जिससे ‘सुपोषित उत्तर प्रदेश’ का सपना साकार होगा।
“आंगनवाड़ी कार्यकत्रियाँ केवल कर्मचारी नहीं, बल्कि समाज के भविष्य की निर्माता हैं। तकनीक और आधुनिक संसाधनों से लैस होकर वे प्रदेश के हर नौनिहाल को सशक्त बनाएंगी।” — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
निष्कर्ष: ‘सक्षम’ और ‘डिजिटल’ होता आंगनवाड़ी तंत्र
अंततः, लोक भवन का यह आयोजन उत्तर प्रदेश के बच्चों और महिलाओं के उज्ज्वल भविष्य की ओर एक बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जिस प्रकार से जमीनी स्तर पर डिजिटल सशक्तिकरण किया जा रहा है, वह पूरे देश के लिए एक प्रेरणा है। Uttar Pradesh News के इस ऐतिहासिक पड़ाव पर यह स्पष्ट है कि स्मार्टफोन और आधुनिक उपकरणों से लैस ये कार्यकत्रियाँ ‘नए उत्तर प्रदेश’ की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। लोकार्पण और शिलान्यास के इन कार्यक्रमों से प्रदेश का ग्रामीण बुनियादी ढांचा और अधिक सशक्त हुआ है।







