त्तर प्रदेश की योगी सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति को और सख्त कर दिया है। राज्य के 46,816 सरकारी कर्मचारियों द्वारा अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड न करने के कारण सरकार ने उनका वेतन (Salary) रोकने का आदेश दिया है।
मुख्य सचिव एस. पी. गोयल (S. P. Goyal) के कड़े निर्देश:
शासन की ओर से जारी निर्देशों के तहत मुख्य सचिव एस. पी. गोयल ने स्पष्ट किया है कि पारदर्शिता के इस अभियान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निम्नलिखित कार्रवाइयों के आदेश दिए हैं:
- सैलरी पर रोक: जिन 46,816 कर्मचारियों ने निर्धारित समय सीमा तक अपनी संपत्तियों का ब्योरा नहीं दिया, उनका जनवरी माह का वेतन रोक दिया गया है।
- प्रमोशन पर पाबंदी: ऐसे कर्मचारियों को भविष्य में किसी भी प्रकार की पदोन्नति (Promotion) के लिए अपात्र माना जाएगा।
- विजिलेंस क्लीयरेंस: संपत्ति विवरण न देने वाले कर्मचारियों की विजिलेंस क्लीयरेंस भी तब तक रोकी जाएगी जब तक वे पोर्टल पर अपना डेटा अपडेट नहीं कर देते।
मानव संपदा पोर्टल पर देना था ब्योरा
सरकार ने सभी श्रेणी के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए ‘मानव संपदा पोर्टल’ पर अपनी संपत्तियों का खुलासा करना अनिवार्य किया था। बार-बार समय सीमा बढ़ाए जाने के बावजूद बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने अपनी संपत्तियों का हिसाब नहीं दिया, जिसके बाद यह कड़ा कदम उठाया गया है।








