भारतीय वायुसेना (IAF) को शनिवार को एक बड़ा झटका लगा जब स्वदेशी तकनीक से निर्मित एलसीए तेजस (LCA Tejas) फाइटर जेट गुजरात के नलिया में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हादसा पाकिस्तान सीमा के करीब स्थित एक फॉरवर्ड एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान हुआ। राहत की बात यह रही कि पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते ‘इजेक्ट’ कर लिया, जिससे उनकी जान बच गई।
हादसे की पूरी कहानी
वायुसेना के सूत्रों के अनुसार, तेजस फाइटर जेट एक रूटीन ट्रेनिंग उड़ान पर था। उड़ान भरने के बाद जब विमान नलिया एयरबेस पर लैंड करने की कोशिश कर रहा था, तभी तकनीकी खराबी के कारण वह क्रैश हो गया।
- स्थान: नलिया फॉरवर्ड एयरबेस, गुजरात (भारत-पाक सीमा के समीप)।
- स्थिति: विमान पूरी तरह नष्ट हो गया है, लेकिन कोई नागरिक क्षति नहीं हुई है।
- पायलट: सुरक्षित रूप से पैराशूट के जरिए बाहर निकल आए।
तेजस का रिकॉर्ड: 2 साल में तीसरा बड़ा हादसा
हाल के वर्षों में तेजस विमानों के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटनाओं ने वायुसेना की चिंता बढ़ा दी है। पिछले 23 सालों तक बेदाग रिकॉर्ड रखने वाले इस जेट के साथ यह तीसरा बड़ा हादसा है:
- मार्च 2024: राजस्थान के जैसलमेर में ऑपरेशन ‘भारत शक्ति’ के दौरान एक तेजस क्रैश हुआ था।
- 2025: दुबई एयरशो के दौरान एक दुखद हादसा हुआ था, जिसमें पायलट की जान चली गई थी।
- फरवरी 2026: अब गुजरात के नलिया में यह ताजा हादसा हुआ है।
वायुसेना का बड़ा कदम: पूरे बेड़े की जाँच के आदेश
हादसे की गंभीरता को देखते हुए भारतीय वायुसेना ने ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ (Court of Inquiry) के आदेश दे दिए हैं। इसके साथ ही, एहतियात के तौर पर पूरे तेजस बेड़े की तकनीकी जाँच (Technical Audit) शुरू कर दी गई है। जब तक हर विमान की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक उनके संचालन पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
सुरक्षा पर उठते सवाल
तेजस को भारतीय वायुसेना की रीढ़ माना जा रहा है और बड़ी संख्या में इसके नए वर्जन (Tejas MK-1A) को बेड़े में शामिल किया जाना है। ऐसे में लगातार हो रहे हादसे इसके इंजन और तकनीकी स्थिरता पर सवाल खड़े कर रहे हैं। रक्षा विशेषज्ञ इसे ‘बर्निंग इश्यू’ मान रहे हैं क्योंकि यह विमान भारत के ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान का गौरव है।







