एडिलेड |
टी20 विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल में आज वह हुआ जिसकी उम्मीद हर भारतीय प्रशंसक कर रहा था, लेकिन जिस अंदाज़ में हुआ उसने क्रिकेट जगत को सन्न कर दिया है। संजू सैमसन, जिन्हें अक्सर टीम में जगह के लिए संघर्ष करना पड़ा, उन्होंने आज इंग्लैंड के वर्ल्ड क्लास गेंदबाजी आक्रमण की धज्जियां उड़ा दीं। संजू के पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक की बदौलत भारत ने इंग्लैंड को 68 रनों के विशाल अंतर से हराकर फाइनल का टिकट कटा लिया है। अब रविवार को मेलबर्न में भारत का सामना न्यूजीलैंड से होगा।
संजू सैमसन की ‘क्लास’ और ‘मास’ बैटिंग: 52 गेंदों में खड़ा किया रनों का पहाड़
मैच की शुरुआत में जब रोहित शर्मा और विराट कोहली जल्दी पवेलियन लौट गए, तब क्रीज पर आए संजू सैमसन ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने शुरुआत में संभलकर खेला, लेकिन एक बार जब उनकी नजरें जम गईं, तो उन्होंने जोफ्रा आर्चर और मार्क वुड जैसे गेंदबाजों को खिलौना बना दिया।
संजू की पारी की खास बातें:
- स्कोर: 115 रन (नाबाद)
- गेंदें: मात्र 52
- बाउंड्री: 8 चौके और 10 गगनचुंबी छक्के
- स्ट्राइक रेट: 221.15
उनकी इस पारी की सबसे खास बात वह ‘इनसाइड-आउट’ शॉट था, जिस पर एडिलेड का पूरा स्टेडियम खड़ा होकर तालियां बजाने लगा। संजू की इस बल्लेबाजी ने भारत को 20 ओवर में 224/3 के स्कोर तक पहुँचा दिया, जो टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल के इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर है।
इंग्लैंड की बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह ढही: कुलदीप और बुमराह का कहर
225 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही। जसप्रीत बुमराह ने पहले ही ओवर में जोस बटलर को क्लीन बोल्ड कर दिया। इसके बाद कुलदीप यादव की फिरकी का जादू चला। कुलदीप ने अपने 4 ओवर के कोटे में मात्र 19 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट झटके।
इंग्लैंड की पूरी टीम 18.4 ओवर में महज 152 रनों पर सिमट गई। भारत की फील्डिंग भी आज अगले स्तर पर थी; सूर्यकुमार यादव ने बाउंड्री पर एक ऐसा कैच पकड़ा जिसे ‘कैच ऑफ द टूर्नामेंट’ कहा जा रहा है। इंग्लैंड का कोई भी बल्लेबाज संजू के अकेले के स्कोर (115) के आधे तक भी नहीं पहुँच सका।
फाइनल में ‘कीवी’ चुनौती: क्या भारत जीतेगा तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप?
इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही भारत ने फाइनल में प्रवेश कर लिया है, जहाँ उसका सामना न्यूजीलैंड से होगा। न्यूजीलैंड ने पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान को हराकर अपनी जगह पक्की की थी। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि जिस फॉर्म में संजू सैमसन और भारतीय गेंदबाज हैं, भारत को रोकना नामुमकिन लग रहा है।
फाइनल के लिए भारत की ताकत:
- संजू सैमसन का फॉर्म: मध्यक्रम में सैमसन की मौजूदगी टीम को निडरता प्रदान कर रही है।
- डेथ बॉलिंग: बुमराह और अर्शदीप की यॉर्कर सटीक बैठ रही हैं।
- स्पिन विभाग: कुलदीप और जडेजा की जोड़ी रनों पर अंकुश लगाने में सफल रही है।
निष्कर्ष: एक नए सुपरस्टार का उदय और विश्व विजेता बनने का सपना
संजू सैमसन की यह पारी केवल एक शतक नहीं है, बल्कि उन तमाम आलोचकों को जवाब है जो उनकी निरंतरता पर सवाल उठाते थे। भारत अब विश्व कप जीतने से केवल एक कदम दूर है। पूरा देश उम्मीद कर रहा है कि जो रफ़्तार टीम इंडिया ने सेमीफाइनल में पकड़ी है, वही मेलबर्न के फाइनल में भी जारी रहेगी। 2007 और 2024 के बाद क्या भारत 2026 में अपना तीसरा टी20 वर्ल्ड कप खिताब उठा पाएगा? इसका फैसला रविवार को होगा।