भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार फिनिशर रिंकू सिंह के पिता खानचंद्र सिंह का आज (27 फरवरी 2026) सुबह निधन हो गया। वे पिछले लंबे समय से स्टेज-4 लिवर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहे थे। उन्होंने ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में अंतिम सांस ली। रिंकू सिंह के पिता पिछले कई दिनों से वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे और उनकी हालत काफी नाजुक बनी हुई थी।
वर्ल्ड कप के बीच घर लौटे थे रिंकू
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारतीय टीम का हिस्सा रिंकू सिंह को जैसे ही पिता की हालत बिगड़ने की खबर मिली, वे तुरंत टीम कैंप छोड़कर घर लौट आए थे। हालांकि, जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से पहले वे वापस टीम के साथ जुड़े थे, लेकिन 27 फरवरी की सुबह उनके पिता के देहांत की खबर ने पूरे खेल जगत को स्तब्ध कर दिया।
संघर्षों की मिसाल थे खानचंद्र सिंह
रिंकू सिंह को फर्श से अर्श तक पहुँचाने में उनके पिता का बहुत बड़ा योगदान रहा है।
- सिलेंडर डिलीवरी का काम: रिंकू के स्टार बनने से पहले खानचंद्र सिंह अलीगढ़ में घर-घर जाकर एलपीजी सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे।
- बेटे का सपना किया पूरा: सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने रिंकू के क्रिकेट खेलने के सपने को टूटने नहीं दिया। रिंकू अक्सर अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता के कड़े संघर्ष और सादगी को देते रहे हैं।
क्रिकेट जगत में शोक
खानचंद्र सिंह के निधन की खबर मिलते ही सोशल मीडिया पर शोक संवेदनाओं का तांता लग गया है। बीसीसीआई (BCCI) के अधिकारियों, साथी क्रिकेटरों और फैंस ने रिंकू सिंह और उनके परिवार के प्रति गहरी सहानुभूति व्यक्त की है। रिंकू की गैरमौजूदगी में भारतीय टीम के लिए यह एक भावनात्मक क्षति भी है।









