बड़वानी (नागलवाड़ी) | मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘किसान कल्याण वर्ष’ को चरितार्थ करते हुए आज बड़वानी जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल नागलवाड़ी में प्रदेश की पहली ‘कृषि कैबिनेट’ की बैठक आयोजित की। जनजातीय लोक संस्कृति के महापर्व भगोरिया के बीच आयोजित इस कैबिनेट ने प्रदेश के कृषि परिदृश्य में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
परंपरा और नीति का अद्भुत संगम
जैसे ही मुख्यमंत्री नागलवाड़ी पहुँचे, जनजातीय समाज के भाई-बहनों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-मांदल की थाप पर उनका आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री भी पूरी तरह भगोरिया के रंग में रंगे नज़र आए और उन्होंने जनजातीय बंधुओं के साथ पारंपरिक नृत्य कर उत्सव की खुशियों को दोगुना कर दिया।
पहली ‘कृषि कैबिनेट’ की 5 बड़ी बातें:
- खेत-खलिहान पर फोकस: सरकार ने पहली बार मंत्रालय से बाहर निकलकर सीधे किसानों के बीच ‘कृषि कैबिनेट’ की बैठक की, ताकि ज़मीनी समस्याओं का तत्काल समाधान हो सके।
- सिंचाई परियोजनाओं को गति: बड़वानी और निमाड़ क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सिंचाई योजनाओं और माइक्रो इरिगेशन प्रोजेक्ट्स पर विस्तृत चर्चा की गई।
- जैविक खेती को प्रोत्साहन: जनजातीय क्षेत्रों में पारंपरिक और जैविक खेती (Organic Farming) को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियों का खाका तैयार किया गया।
- किसान कल्याण निधि: ‘किसान कल्याण वर्ष’ के तहत किसानों को दी जाने वाली सहायता राशि और तकनीकी सहयोग को लेकर बड़े निर्णय लिए गए।
- भगोरिया को राजकीय सम्मान: मुख्यमंत्री ने जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और भगोरिया जैसे उत्सवों को वैश्विक पहचान दिलाने का संकल्प दोहराया।
मुख्यमंत्री का संदेश: किसान और आदिवासी हमारी प्राथमिकता
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारी सरकार किसानों के पसीने की कीमत जानती है। नागलवाड़ी की इस पावन धरा से शुरू हुई यह ‘कृषि कैबिनेट’ प्रदेश के हर किसान के जीवन में समृद्धि लाएगी। भगोरिया का यह उत्सव हमारी सांस्कृतिक एकता और शक्ति का प्रतीक है।”









