मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार सुबह अपने सरकारी आवास 5-कालिदास मार्ग पर ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों फरियादियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी पीड़ा साझा की। मुख्यमंत्री ने एक-एक कर सभी की समस्याओं को न केवल गंभीरता से सुना, बल्कि उनके त्वरित और संतोषजनक समाधान का भरोसा भी दिया।
अधिकारियों को दो-टूक निर्देश
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया:
- गुणवत्तापूर्ण निस्तारण: जन-समस्याओं का समाधान केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि फरियादी को धरातल पर न्याय मिलना चाहिए।
- समयबद्ध कार्रवाई: सीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि पीड़ितों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर और एक तय समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए।
- संवेदनशीलता: मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी पीड़ित या जरूरतमंद को कार्यालयों के चक्कर लगाकर अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े, यह सुनिश्चित करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
मौके पर ही दिए आदेश
जनता दर्शन में राजस्व, पुलिस और स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों की भरमार रही। मुख्यमंत्री ने कई गंभीर मामलों में मौके पर ही संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों को फोन कर तत्काल निस्तारण के आदेश दिए। उन्होंने दोहराया कि जनता की सेवा और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान यूपी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।








