लखनऊ | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ के लाभार्थियों के लिए खुशियों का पिटारा खोल दिया। लोकभवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 1.86 करोड़ परिवारों को गैस सिलेंडर रिफिल के लिए ₹1500 करोड़ की सब्सिडी राशि डिजिटल माध्यम से जारी की। इस अवसर पर उन्होंने 10 लाभार्थी महिलाओं को सब्सिडी राशि के प्रतीकात्मक चेक भी सौंपे।
सबका साथ-सबका विकास: चार जातियों पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुसार सरकार चार प्रमुख स्तंभों— गरीब, किसान, महिला और युवा के उत्थान के लिए काम कर रही है।
- मुफ्त सिलेंडर की सुविधा: यूपी सरकार होली और दीपावली पर उज्ज्वला लाभार्थियों को एक-एक निःशुल्क सिलेंडर रिफिल की सुविधा दे रही है।
- पारदर्शिता: केंद्र सरकार प्रत्येक रिफिल पर ₹335 की सब्सिडी देती है, जो सीधे बैंक खाते (DBT) में जाती है, जिससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हो गई है।
महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य पर जोर
मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा और स्वावलंबन को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया:
- सर्वाइकल कैंसर वैक्सिनेशन: बालिकाओं को गंभीर बीमारी से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। ₹2100 की वैक्सीन अब मात्र ₹300 में उपलब्ध है, जिसे भविष्य में फ्री करने की तैयारी है।
- लखपति दीदी और शी-मार्ट: महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए ‘शी-मार्ट’ और ‘लखपति दीदी’ जैसे कार्यक्रमों को बजट में प्राथमिकता दी गई है।
- सामूहिक विवाह: ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ के तहत अब बेटी के कन्यादान के लिए ₹1 लाख की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
निवेश से खुलेगा युवाओं के लिए रोजगार का द्वार
मुख्यमंत्री ने विदेशी दौरों का जिक्र करते हुए बताया कि जर्मनी, जापान और सिंगापुर जैसे देशों से आ रहा निवेश सीधे तौर पर यूपी के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा।
- सुरक्षा और सुशासन: सीएम ने कहा कि आज माफिया राज खत्म हो चुका है, जिससे दुनिया भर के निवेशक यूपी आना चाहते हैं।
- ग्लोबल लिंक: सरकार एक ऐसा सिस्टम बना रही है जिससे प्रशिक्षित युवाओं को विदेशों में भी लाखों के पैकेज वाली नौकरियां मिल सकें।
आंगनबाड़ी और आशा वर्कर को बड़ी सौगात
सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा वर्कर के मानदेय को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, कोटे की दुकानों को ‘मॉडल शॉप’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहाँ दुकानदार नशीले पदार्थों को छोड़कर अन्य जरूरी सामान भी बेच सकेंगे।









