गोरखपुर | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न जनपदों से आए फरियादियों की समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने एक-एक कर लोगों के पास जाकर उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना और प्राप्त प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को सौंपते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
समस्याओं का समयबद्ध समाधान
जनता दर्शन में मुख्य रूप से भूमि विवाद, चिकित्सा सहायता और पुलिस से जुड़ी शिकायतें बड़ी संख्या में पहुँचीं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देशित किया कि:
- पारदर्शी समाधान: शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर पारदर्शी तरीके से होना चाहिए।
- प्राथमिकता: गरीब, पीड़ित और जरूरतमंद लोगों की शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
- समयबद्धता: हर समस्या का समाधान एक निश्चित समय सीमा के भीतर हो ताकि फरियादी को बार-बार परेशान न होना पड़े।
अधिकारियों को कड़ी चेतावनी
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि “जनता दर्शन” सीधे जनता से संवाद का माध्यम है और लोगों को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इलाज के लिए सरकारी मदद का भरोसा
चिकित्सा सहायता की मांग लेकर आए लोगों को मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अधिकारियों को एस्टीमेट की प्रक्रिया जल्द पूरी कर शासन को भेजने के निर्देश दिए ताकि पीड़ितों को आर्थिक सहायता मिल सके।









