गोरखपुर | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार की सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आए फरियादियों की समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने लोगों के बीच जाकर उनसे प्रार्थना पत्र लिए और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी हर समस्या का समाधान करना सरकार की प्राथमिकता है।
संवेदनशील प्रशासन का उदाहरण
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल लोगों की बातें सुनीं, बल्कि मौके पर उपस्थित संबंधित जिले के प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्राप्त पत्रों को सौंपते हुए निर्देशित किया कि:
- त्वरित कार्रवाई: सभी जनसमस्याओं का निराकरण समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से किया जाए।
- संवेदनशीलता: गरीबों और असहायों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए।
- लापरवाही पर रोक: जनसेवा में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सुरक्षित और समृद्ध प्रदेश का संकल्प
मुख्यमंत्री का यह कदम उनके उस विजन को दर्शाता है जिसमें वे उत्तर प्रदेश को ‘सुरक्षित और समृद्ध’ बनाने के लिए सेवा को ही आधार मानते हैं। जनता दर्शन में स्वास्थ्य, राजस्व और पुलिस से जुड़ी शिकायतों की संख्या अधिक रही, जिस पर सीएम ने गंभीर रुख अपनाते हुए अधिकारियों को जवाबदेही तय करने की चेतावनी दी।









