अयोध्या |
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर रामनगरी अयोध्या पहुँचे। CM Yogi Ayodhya Visit के दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल अपनी आध्यात्मिक आस्था प्रकट की, बल्कि ‘नव्य अयोध्या’ के विजन को धरातल पर उतारने के लिए चल रहे निर्माण कार्यों की बारीकी से समीक्षा भी की।
1. हनुमानगढ़ी में हाजिरी: प्रदेश की सुख-शांति की कामना
मुख्यमंत्री ने अपने CM Yogi Ayodhya Visit की शुरुआत संकटमोचन हनुमानगढ़ी मंदिर से की। हनुमान जी को अयोध्या का ‘कोतवाल’ माना जाता है, इसलिए परंपरा के अनुसार सीएम ने सबसे पहले यहाँ मत्था टेका। उन्होंने यहाँ विधिवत पूजा-अर्चना की और आरती उतारी। पुजारियों द्वारा मंत्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुखमय, आरोग्य और समृद्ध जीवन के लिए प्रार्थना की।
2. रामलला के चरणों में शीश और मंदिर निर्माण का जायजा
हनुमानगढ़ी के दर्शन के बाद मुख्यमंत्री सीधे श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर पहुँचे। यहाँ का वातावरण ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से गुंजायमान था। CM Yogi Ayodhya Visit का मुख्य केंद्र रामलला के दर्शन थे। मुख्यमंत्री ने प्रभु के चरणों में साष्टांग प्रणाम किया और विशेष आरती में भाग लिया।
दर्शन के उपरांत, मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का भ्रमण किया और चल रहे दूसरे चरण के निर्माण कार्यों की प्रगति देखी। उन्होंने ट्रस्ट के पदाधिकारियों, विशेषकर महासचिव चंपत राय से बातचीत की।
- तकनीकी समीक्षा: मुख्यमंत्री ने मंदिर के नक्काशीदार पत्थरों, परिक्रमा मार्ग और लाइटिंग व्यवस्था के बारे में जानकारी ली।
- समय सीमा: उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं।
3. संतों से मुलाकात और कुशलक्षेम
धार्मिक अनुष्ठानों के बाद CM Yogi Ayodhya Visit का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अयोध्या के संतों के साथ संवाद रहा। मुख्यमंत्री ने हनुमानगढ़ी के महंत प्रेमदास जी महाराज सहित अन्य वरिष्ठ संतों से भेंट की। उन्होंने संतों का कुशलक्षेम जाना और अयोध्या के विकास पर उनके सुझाव लिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अयोध्या का विकास संतों के आशीर्वाद और जनभागीदारी से ही संभव हो पा रहा है।
4. जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ रणनीति
रामकथा पार्क हेलीपैड पर पहुँचते ही प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महापौर गिरीश पति त्रिपाठी और स्थानीय विधायकों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए:
- श्रद्धालु सेवा: गर्मी को देखते हुए पेयजल और विश्राम की समुचित व्यवस्था हो।
- सुरक्षा चक्र: एयरपोर्ट से लेकर मंदिर तक सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य रखी जाए।
- स्वच्छता: ‘स्वच्छ अयोध्या’ अभियान को गति दी जाए ताकि आने वाले पर्यटक अच्छा संदेश लेकर जाएं।








