रायपुर |
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी, बिलासपुर के प्रशिक्षु न्यायाधीशों के साथ सौजन्य मुलाकात की। यह भेंट प्रदेश की प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय और संवाद की दिशा में एक सकारात्मक कदम के रूप में देखी जा रही है।
न्यायिक सेवा के प्रति मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री ने सभी प्रशिक्षु न्यायाधीशों का स्वागत करते हुए उनके कठिन परिश्रम और न्यायिक सेवा में चयन पर हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त की। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा:
- निष्ठापूर्ण निर्वहन: मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि नए न्यायाधीश अपने पद और दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ करेंगे।
- न्याय की गरिमा: उन्होंने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि न्यायपालिका लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है और इसकी गरिमा को बनाए रखना हर न्यायाधीश का प्राथमिक कर्तव्य है।
- उज्ज्वल भविष्य: श्री साय ने सभी युवा अधिकारियों के सफल करियर और उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
प्रशिक्षण और अनुभव साझाकरण
बिलासपुर स्थित न्यायिक अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे इन अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के साथ अपने अनुभवों को साझा किया। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुँचाने में निचली अदालतों और वहाँ तैनात न्यायाधीशों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।








