मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आज सांगठनिक कौशल और वैचारिक स्पष्टता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026’ के तहत आयोजित इस प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में दिग्गज नेताओं ने कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दिया और पार्टी की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
सक्रियता से ही निखरता है नेतृत्व: डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी
कार्यशाला को संबोधित करते हुए डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने कार्यकर्ताओं में जोश भरा। उन्होंने संगठनात्मक सक्रियता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “जब हम पार्टी के कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं, तो हमें नए दृष्टिकोण मिलते हैं। यही अनुभव हमारी सोच को व्यापक बनाते हैं और भविष्य में सही निर्णय लेने की हमारी क्षमता को और बेहतर करते हैं।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशिक्षण केवल सीखने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह स्वयं को राष्ट्र सेवा के लिए और अधिक सक्षम बनाने का माध्यम है।
वरिष्ठ नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति
इस प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए, जिन्होंने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया:
- श्री हेमंत खंडेलवाल: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष (मध्य प्रदेश)
- श्री अजय जामवाल: क्षेत्रीय संगठन महामंत्री
- डॉ. महेंद्र सिंह: प्रदेश प्रभारी
- श्री के.सी. पटेल: जोन प्रभारी (पश्चिम मध्यक्षेत्र प्रशिक्षण)
इन वरिष्ठ नेताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के ‘अंत्योदय’ के विजन को धरातल पर उतारने और आगामी सांगठनिक चुनौतियों के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
क्या है ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026’?
यह अभियान भाजपा का एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है, जिसका लक्ष्य जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से लेकर प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों तक को पार्टी की विचारधारा, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं और डिजिटल युग में संवाद के तरीकों के बारे में शिक्षित करना है। 2026 के इस अभियान को भविष्य के चुनावों और सांगठनिक मजबूती के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कार्यशाला के मुख्य निष्कर्ष:
- वैचारिक मजबूती: कार्यकर्ताओं को पार्टी की मूल विचारधारा से गहराई से जोड़ना।
- निर्णय क्षमता: जटिल राजनीतिक परिस्थितियों में सही फैसले लेने का प्रशिक्षण।
- जनसंपर्क: जनता के बीच जाकर सरकार की उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से रखने की रणनीति।








