पटना | बिहार में राज्यसभा की खाली हो रही सीटों के लिए होने वाले चुनाव ने जेडीयू (JDU) के भीतर की रार को सड़क पर ला दिया है। गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 1, अणे मार्ग स्थित आवास के बाहर समर्थकों का भारी जमावड़ा लग गया। इस दौरान टिकट की दावेदारी और गुटबाजी को लेकर जबरदस्त नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन देखने को मिला।
विधायक को झेलना पड़ा भारी विरोध
हंगामे के बीच जब जेडीयू के एक विधायक मुख्यमंत्री से मिलने के लिए अपने वाहन से पहुंचे, तो वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों ने उनकी कार को घेर लिया।
- बैक गियर में कार: उग्र भीड़ और विरोध को देखते हुए स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि सुरक्षाकर्मियों के हस्तक्षेप के बावजूद विधायक को अपनी कार ‘बैक गियर’ में लेकर वहां से पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा।
- नारेबाजी: समर्थक अपने पसंदीदा उम्मीदवार को टिकट देने की मांग कर रहे थे, जबकि दूसरे गुट के लोग कुछ नामों का कड़ा विरोध कर रहे थे।
नीतीश के फैसले पर टिकी निगाहें
राज्यसभा की सीटों के लिए जेडीयू के भीतर कई दावेदार रेस में हैं। पार्टी के भीतर चल रही इस खींचतान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री आवास के बाहर बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
सियासी गलियारों में चर्चा
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि जेडीयू के भीतर यह ‘शक्ति प्रदर्शन’ आलाकमान पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है। विधायक के साथ हुई इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी के भीतर टिकट बंटवारे को लेकर असंतोष गहरा सकता है।







