प्रधानमंत्री मोदी की महत्वाकांक्षी ‘जल जीवन मिशन’ योजना अयोध्या के रुदौली में विभागीय भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ती नज़र आ रही है। रुदौली नगर पालिका परिषद के मोहल्ला कायस्थाना में योजना की जो जमीनी हकीकत सामने आई है, उसने अधिकारियों के दावों की पोल खोलकर रख दी है। यहाँ ‘हर घर जल’ का नारा अब ‘हर सड़क जल’ में तब्दील हो चुका है।
बिना टोटी के कनेक्शन: सड़कों पर बह रहा हजारों लीटर पानी
मोहल्ला कायस्थाना में ठेकेदार और विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। यहाँ कई घरों के बाहर पानी के कनेक्शन तो दे दिए गए, लेकिन पाइपों में टोटी (Tap) लगाना मुनासिब नहीं समझा गया। नतीजा यह है कि सप्लाई शुरू होते ही हजारों लीटर शुद्ध पेयजल रोजाना सड़कों पर बहकर बर्बाद हो रहा है।
सड़कें बनीं नाला, राहगीर और स्थानीय लोग परेशान
पीने का पानी सड़कों पर जमा होने के कारण मोहल्ले की सड़कें तालाब और नाले में तब्दील हो गई हैं।
- जलभराव की समस्या: सड़कों पर कीचड़ और पानी के कारण राहगीरों का निकलना दूभर हो गया है।
- जल संरक्षण का मजाक: एक तरफ सरकार जल संरक्षण के लिए करोड़ों खर्च कर रही है, वहीं दूसरी तरफ यहाँ शुद्ध पानी नालियों में बह रहा है।
ठेकेदार की कार्यशैली और अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल
स्थानीय जनता का आरोप है कि ठेकेदार ने सिर्फ कोरम पूरा करने के लिए आनन-फानन में बिना टोटी के पाइप छोड़ दिए हैं। सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले पर ‘मौन दर्शक’ बने हुए हैं। जनता के टैक्स के पैसे की इस तरह बर्बादी ने लोगों के आक्रोश को सातवें आसमान पर पहुँचा दिया है।
जनता की मांग: क्या होगी कार्रवाई?
रुदौली की जनता अब सीधे तौर पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है। सवाल यह है कि क्या इन लापरवाह अधिकारियों और ठेकेदार पर लगाम कसी जाएगी या इसी तरह ‘जल जीवन मिशन’ का पानी सड़कों पर बहता रहेगा?









