मिडिल ईस्ट में तनाव अब चरम पर पहुँच गया है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए भीषण हवाई हमलों और उसके जवाब में ईरान की जवाबी कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र को युद्ध की आग में झोंक दिया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस संघर्ष में अब तक 201 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 900 से ज्यादा लोग घायल हैं।
खामेनेई की मौत ने भड़काई आग
युद्ध की शुरुआत तब हुई जब अमेरिकी और इजरायली हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) और कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की मौत हो गई। इसके बाद ईरान ने ‘इंतकाम का लाल झंडा’ फहराते हुए इजरायल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर सैकड़ों मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं।
युद्ध की बड़ी बातें (2 मार्च 2026 तक):
- ईरान में तबाही: तेहरान, इस्फ़हान और कोम जैसे शहरों में भीषण बमबारी हुई है। मिनाब में एक स्कूल पर हुए हमले में 100 से ज्यादा बच्चों के मारे जाने की खबर है।
- इजरायल पर हमला: ईरान की एक मिसाइल यरूशलेम के पास बेत शेमेश (Beit Shemesh) में एक रिहायशी इलाके और सिनेगॉग पर गिरी, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई।
- खाड़ी देशों पर असर: ईरान ने यूएई, कुवैत और कतर पर भी मिसाइलें दागी हैं। दुबई एयरपोर्ट और कुवैत में अमेरिकी दूतावास के पास धमाकों की खबरें हैं।
- एयरस्पेस बंद: सुरक्षा कारणों से भारत समेत कई देशों ने खाड़ी देशों की उड़ानें रद्द कर दी हैं और अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रहार
इस युद्ध का सीधा असर बाजारों पर दिख रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Oil) की कीमतें आसमान छू रही हैं और सोना (Gold) ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुँच गया है। भारत में भी शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी जा रही है।









