अयोध्या जनपद के थाना बाबा बाजार क्षेत्र के ग्राम हंसराजपुर (पूरे विशेन) के वीर सपूत देवेश सिंह पंचतत्व में विलीन हो गए। 19 फरवरी को जम्मू-कश्मीर में एक भीषण सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद, दिल्ली के एम्स (AIIMS) में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। मंगलवार को शहीद का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा, जहां पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
हादसे की दर्दनाक दास्तां
शहीद देवेश सिंह उस सैन्य दल का हिस्सा थे, जिसका वाहन जम्मू-कश्मीर में अनियंत्रित होकर लगभग 400 फीट गहरी खाई में गिर गया था। इस दर्दनाक हादसे में 10 जवानों की मौके पर ही मौत हो गई थी। देवेश सिंह को गंभीर हालत में एयरलिफ्ट कर उधमपुर और फिर दिल्ली एम्स लाया गया था, जहां डॉक्टरों के अथक प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
सम्मान में उमड़ा प्रशासन और जनसैलाब
शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान प्रदेश सरकार के मंत्री सतीश शर्मा, पूर्व सांसद लल्लू सिंह, विधायक रामचंद्र यादव, डीएम निखिल टीकाराम फुंडे और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। सेना की टुकड़ी ने हवाई फायर कर अपने साथी को अंतिम सलामी दी और सम्मान के साथ तिरंगा परिजनों को सौंपा।
सरकार की बड़ी घोषणाएं:
वीर सपूत के बलिदान को नमन करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने निम्नलिखित घोषणाएं की हैं:
- आर्थिक सहायता: शहीद के परिवार को ₹50 लाख की आर्थिक मदद।
- सरकारी नौकरी: परिवार के एक सदस्य को योग्यतानुसार सरकारी सेवा में नियुक्ति।
- शहीद ग्राम: हंसराजपुर (पूरे विशेन) गांव को आधिकारिक रूप से ‘शहीद ग्राम’ का दर्जा।
अधूरी रह गई खुशियां
8 वर्षों से भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहे देवेश सिंह के घर में खुशियों की तैयारी चल रही थी। आगामी अप्रैल माह में उनकी शादी तय होनी थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। आज उनकी शहादत पर जहाँ हर आँख नम है, वहीं पूरे क्षेत्र को अपने इस नायक पर गर्व भी है।






